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अपनी पैन-इंडिया फिल्म ‘जातस्य मरणं ध्रुवं’ से पहले, शीना चौहान ने बताया क्यों उन्हें चुनौतीपूर्ण किरदार निभाना सबसे ज़्यादा पसंद है
चुनौतीपूर्ण किरदारों पर शीना चौहान: “खुद को पूरी तरह बदलकर किसी और इंसान में ढल जाना ही अभिनय का सबसे खूबसूरत हिस्सा है।”
शीना चौहान ने अपनी शानदार अभिनय प्रतिभा के दम पर खुद को इंडस्ट्री की सबसे होनहार पैन-इंडिया अभिनेत्रियों में शामिल किया है। हर किरदार को गहराई से समझने और पूरी तरह उसमें ढल जाने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए पहचानी जाने वाली शीना ने पैन-इंडिया और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में अपने दमदार अभिनय से खास पहचान बनाई है। अब वह जेडी चक्रवर्ती के साथ अपनी बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म ‘जातस्य मरणं ध्रुवं’ की रिलीज़ के लिए तैयार हैं। शीना का कहना है कि उन्हें किसी किरदार का आकार नहीं, बल्कि उसकी गहराई, जटिलता और उससे मिलने वाली चुनौती सबसे ज़्यादा आकर्षित करती है।
फिल्म ‘जातस्य मरणं ध्रुवं’ में शीना एक दमदार और गंभीर पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। इस किरदार को पूरी सच्चाई के साथ पर्दे पर उतारने के लिए उन्होंने शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर कड़ी तैयारी की। अपने अभिनय को वास्तविक बनाने के लिए उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ समय बिताया और उनके हाव-भाव, सोचने के तरीके तथा रोज़मर्रा के अनुभवों को करीब से समझा। शीना के लिए अभिनय की यही गहराई और तैयारी इस कला को सबसे अधिक संतोषजनक बनाती है।
चुनौतीपूर्ण किरदारों के प्रति अपने लगाव के बारे में शीना कहती हैं, “मुझे हमेशा ऐसे किरदार आकर्षित करते हैं जो मुझे पूरी तरह बदलने की चुनौती दें। मेरे लिए विकास वहीं से शुरू होता है, जब मैं अपने लिए बिल्कुल नए और अनजाने क्षेत्र में कदम रखती हूँ। हर किरदार मुझे किसी न किसी तरह चुनौती दे—चाहे वह शारीरिक हो, मानसिक, भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक—क्योंकि असली सीख वहीं से मिलती है। मैं हमेशा चाहती हूँ कि मेरा हर किरदार पिछले किरदार से पूरी तरह अलग महसूस हो। थिएटर से प्रशिक्षित अभिनेत्री होने के नाते मुझे किसी भी किरदार पर रिसर्च करना, उसकी भावनाओं, सोच, उद्देश्य, बॉडी लैंग्वेज और उसकी दुनिया को समझना बेहद पसंद है। खुद से निकलकर पूरी तरह किसी और इंसान में ढल जाना ही मेरे लिए अभिनय का सबसे संतोषजनक और खूबसूरत हिस्सा है।”
वह आगे कहती हैं, “मुझे सबसे ज़्यादा वही किरदार उत्साहित करते हैं जो मुझे मेरी सीमाओं से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। चाहे उसके लिए गहन तैयारी करनी पड़े, भावनात्मक रूप से पूरी तरह खुलना पड़े या बिल्कुल नई मानसिकता अपनानी पड़े, मैं हर चुनौती को खुले दिल से स्वीकार करती हूँ क्योंकि यही मुझे सिर्फ एक बेहतर अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान भी बनाता है। मुझे ऐसे मुख्य किरदार पसंद हैं जिनमें भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्तर पर कई परतें हों। मेरा हमेशा यही प्रयास रहता है कि मैं अपने हर किरदार में इस तरह पूरी तरह खो जाऊँ कि दर्शकों को थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी वही किरदार याद रहे, सिर्फ शीना चौहान नहीं। मैं चाहती हूँ कि लोग मेरे निभाए हुए चरित्र को याद रखें, न कि केवल स्क्रीन पर शीना चौहान को देखें। अगर कोई किरदार मुझे उत्साहित करता है और मुझे चुनौती देता है, तो मैं समझ जाती हूँ कि वही भूमिका मेरे लिए सही है। मैं हमेशा ऐसी ही कहानियों और फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूँ।”
शीना चौहान के लिए हर किरदार को पूरी ईमानदारी, गहन तैयारी और संपूर्ण रूपांतरण के साथ निभाना ही उनके अभिनय सफर की सबसे बड़ी प्रेरणा है। यही समर्पण उन्हें हर नई भूमिका के साथ एक कलाकार के रूप में लगातार आगे बढ़ने और दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित करता है।


